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वेदमाता गायत्रीआरती~2 मिनिटे

आरती गायत्री मातेची (जयति जय गायत्री माता)

जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता ।

सत्-चित्-आनंद रूपिणी, भुक्ति मुक्ति दाता ॥ ध्रु० ॥

श्वेत वसन कमलासनि, देवि प्रभा-पुंजा ।

अक्ष-सूत्र कमंडलु, कर-कमल मंजु ॥ १ ॥

वेद-त्रयी की जननी, ज्ञान-गंग-धारा ।

ऋषि-मुनि-सुर-नर ध्यावत, पावन संसारा ॥ २ ॥

सद्बुद्धि का वर पावे, जो नित गुण गावै ।

भव-बंधन से छूटै, परम पद पावै ॥ ३ ॥

जयति जय गायत्री माता ॥ ध्रु० ॥

शरण पड़े की रक्षा, कीजो कल्याणी ।

हृदय में वास करो हे, महा-वरदानी ॥ ४ ॥

जयति जय गायत्री माता ॥ ध्रु० ॥

चरण1/3

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