मागे (Home)
संतोषी माताआरती~2 मिनिटे

आरती संतोषी मातेची (जय संतोषी माता)

जय संतोषी माता, जय संतोषी माता ।

अपने सेवक जन की सुख सम्पति दाता ॥ ध्रु० ॥

सुंदर चीर सुनहरी मां धारण कीन्हों ।

हीरा पन्ना दमके मुकुट शीश दीन्हों ॥ १ ॥

घंटा ताल मृदंगा बाजत सहनाई ।

अक्षत धूप दीप से आरती संजोई ॥ २ ॥

गुड़ और चना परम प्रिय नित भोग लगावैं ।

कथा सुनैं जो ध्यावैं सब आनन्द पावैं ॥ ३ ॥

जय संतोषी माता, जय संतोषी माता ॥ ध्रु० ॥

शरण गहे की लज्जा राखो जगदम्बा ।

दासी की सुधि लीजो मात विलंबा ॥ ४ ॥

जय संतोषी माता, जय संतोषी माता ॥ ध्रु० ॥

चरण1/3

आरती संग्रह ॲप इन्स्टॉल करा

ऑफलाइन पठण, जलद अनुभव व होम स्क्रीन ॲक्सेस